छत्तीसगढ़, भारत का 26वां राज्य, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक महत्व, और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। इस राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को हुई थी और यह मध्य भारत में स्थित है। राज्य की राजधानी रायपुर है, जो अपने तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक प्रगति के लिए जानी जाती है। छत्तीसगढ़ को जलप्रपातों का राज्य भी कहा जाता है, क्योंकि यहां बस्तर क्षेत्र में स्थित चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात प्रमुख पर्यटन स्थलों में से हैं। चित्रकोट जलप्रपात को भारत का ‘नियाग्रा’ कहा जाता है। इन जलप्रपातों की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। छत्तीसगढ़ में कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं जो इसके वैभव को दर्शाते हैं। सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर और राजिम का कुंभ मेला ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। दंतेवाड़ा का मां दंतेश्वरी मंदिर और डोंगरगढ़ मां बमलेश्वरी मंदिर भी श्रद्धालुओं के बीच प्रसिद्ध हैं।
छत्तीसगढ़ के जंगल राज्य का लगभग 44% हिस्सा कवर करते हैं, जो इसे देश के सबसे हरे-भरे क्षेत्रों में से एक बनाते हैं। यहां कई प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य हैं, जैसे कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान, और अचानकमार टाइगर रिजर्व। ये स्थल वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति भी यहां के पर्यटन का एक अहम हिस्सा है। बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति, उनके तीज त्योहार, नृत्य और कला-शिल्प पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा बस्तर दशहरा विश्वप्रसिद्ध है, जो यहां की जनजातीय परंपराओं और संस्कृति का प्रतीक है। यहां के हाट बाजारों में जनजातीय कला, शिल्प, और हाथ से बनी वस्तुओं का
अनोखा संगम देखने को मिलता है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक धरोहरों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। राज्य में साहसिक पर्यटन, इको-पर्यटन, और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, और अनूठी जनजातीय संस्कृति के कारण तेजी से एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।